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Showing posts from June 28, 2017

That which gets absorbed inside the person/इंसान के अंदर जो समा जाये (Hindi Thought)

"इंसान के अंदर जो समा जाये वो स्वाभिमान और जो इंसान के अन्दर से बाहर छलक जाए वो अभिमान।"