Hindi Thought (What do you feel bad for yourself/ जो बात तुम्हें अपने लिए बुरी लगती है)

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Hindi Thought (What do you feel bad for yourself/


"जो बात तुम्हें अपने लिए बुरी लगती है, उसे दूसरे के लिए कभी मत करो। यही धर्म का सार है। श्री चिन्मयानन्द बापू"

What do you feel bad for yourself, do not ever do it for another. That is the essence of religion. Mr. Chinmayananda Bapu

Hindi Thought of the Day

The bird sitting on the tree's branch/पेड़ की शाखा पर बैठा पंछी (Hindi Thought)

"पेड़ की शाखा पर बैठा पंछी कभी भी डाल हिलने से नहीं घबराता क्योंकि पंछी डाली पर नही अपने पंखों पर भरोसा करता है।"  Hindi Though...

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