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Showing posts from March 11, 2016

Hindi Thought (What do you feel bad for yourself/ जो बात तुम्हें अपने लिए बुरी लगती है)

"जो बात तुम्हें अपने लिए बुरी लगती है, उसे दूसरे के लिए कभी मत करो। यही धर्म का सार है। श्री चिन्मयानन्द बापू"

What do you feel bad for yourself, do not ever do it for another. That is the essence of religion. Mr. Chinmayananda Bapu